उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन सम्मेलन: जितेंद्र सिंह की घोषणा; हरिद्वार, पंतनगर, औली में लगेंगे हाईटेक मौसम पूर्वानुमान रडार………

देहरादून: यूकॉस्ट की ओर से आयोजित सम्मेलन में कहा गया कि इतिहास में जब आपदा की बात होगी तो सिलक्यारा एक रेफरेंस होगा। सिलक्यारा की कामयाबी हमेशा मिसाल रहेगी।

हरिद्वार, पंतनगर और औली में अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान रडार स्थापित होंगे। यूकॉस्ट के विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह ने इसे जरूरी पहल कराते देते हुए यह घोषणा की।

ग्राफिक एरा विवि में आयोजित सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ.सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में जल-मौसम संबंधी खतरे बढ़ गए हैं। आज फ्लैश फ्लड, बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विश्व में जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियर पिघलना, ग्लेशियर लेक, फ्रेजाइल माउंटेन इको सिस्टम, डी फॉरेस्ट्रेशन और मैन मेड इसके कारक हैं। सुरकंडा, मुक्तेश्वर व लैंसडौन में रडार लगाए गए हैं। तीन नए रडार हरिद्वार, पंतनगर और औली में लगेंगे। एनडीएमए की उत्तराखंड के जंगलों को आग से बचाने की योजना जल्द लागू करेंगे। इस मौके पर ग्राफिक एरा समूह के अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला, सचिव आईटी नितेश झा, यूकॉस्ट महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत समेत विशेषज्ञ मौजूद रहे।

सिलक्यारा विजय अभियान ऐतिहासिक उपलब्धि : यादव
विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में वीडियो संदेश के माध्यम से केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सिलक्यारा विजय अभियान देश की ऐतिहासिक उपलब्धि है। कहा कि 25 वर्षों में उत्तराखंड ने चुनौतियों के बावजूद राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर एक प्रगतिशील पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की प्रगति को नई दिशा प्रदान की है। कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिमालय को निरंतर केंद्र में रखने की आवश्यकता है

हिमालय भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्त्रोत : सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय केवल पर्वत शृंखला नहीं बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत है। यहां की नदियां, ग्लेशियर और जैव विविधता पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और क्षेत्र विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 4 पी मंत्र प्रिडिक्ट, प्रिवेंट, प्रिपेयर, प्रोटेक्ट के आधार पर 10 सूत्रीय एजेंडा लागू किया है

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *