उत्तराखंड में गोमती किनारे दिखा ऊदबिलाव का जोड़ा, अठखेलियों ने लोगों को किया रोमांचित…….
बागेश्वर: मार्च माह में बारिश, हिमपात तथा ओलावृष्टि के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है। इसी बीच शनिवार को नगर क्षेत्र में गोमती नदी किनारे एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब ऊदबिलाव (ओटर) का एक जोड़ा स्वच्छ तथा निर्मल पानी में अठखेलियां करता नजर आया।
ऊदबिलाव का जोड़ा काफी देर तक नदी में तैरता, खेलता और गोते लगाता रहा। इसके बाद दोनों नदी किनारे बड़े पत्थरों पर चढ़कर धूप सेंकते भी दिखाई दिए। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। नदीगांव तथा स्टेशन रोड से भी लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय व्यवसायी योगेश परिहार ने बताया कि उन्होंने नगर क्षेत्र में पहली बार गोमती नदी में ऊदबिलाव का जोड़ा देखा है। कई लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर इंटरनेट मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। लगभग एक घंटे तक अठखेलियां करने के बाद यह जोड़ा जंगल की ओर लौट गया।
ऊदबिलाव दुर्लभ जीव
ऊदबिलाव मुख्य रूप से साफ तथा मीठे पानी वाली नदियों, झीलों तथ दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में यह गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा हिमालयी नदियों के आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिलता है। यह मांसाहारी जलीय जीव है, जिसका शरीर लंबा, लचीला तथा फर से ढका होता है।
इसके पैर छोटे लेकिन मजबूत होते हैं तथा पंजों के बीच झिल्ली होती है, जिससे यह तैरने में माहिर होता है। यह सामाजिक जीव होता है और अक्सर जोड़े या छोटे समूह में रहता है। यह दिन और रात दोनों समय सक्रिय रह सकता है, लेकिन आमतौर पर सुबह और शाम के समय ज्यादा सक्रिय होता है। इसका मुख्य भोजन मछलियां, केकड़े और अन्य जलीय जीव होते हैं।
ऊदबिलाव का दिखना नदी के स्वच्छ तथा प्रदूषण रहित होने का संकेत है। यह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गोमती नदी में ऊदबिलाव का यह दुर्लभ दीदार न सिर्फ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि यह भी संकेत देता है कि क्षेत्र का पर्यावरण अभी भी काफी हद तक सुरक्षित और स्वच्छ है। – केलवानंद पांडे, आरओ, वन विभाग

