उत्तराखंड की राजधानी में नंबर का नशा, 0001 के लिए बहा 13.74 लाख, वीआईपी नंबर बना स्टेटस का सबसे बड़ा हथियार……..
देहरादून: देहरादून में अब गाड़ी सिर्फ चलने का साधन नहीं, बल्कि पहचान का पैमाना बनती जा रही है। खासकर फैंसी और वीआईपी नंबरों को लेकर दूनवासियों में ऐसा जुनून देखने को मिल रहा है कि लोग लाखों रुपये खर्च करने से भी पीछे नहीं हट रहे।
इसी कड़ी में परिवहन विभाग द्वारा जारी UK 07 HJ सीरीज की ऑनलाइन नीलामी में इस बार 0001 नंबर ने फिर सुर्खियां बटोरीं। देहरादून के अधिवक्ता आलोक पुंडीर ने अपनी नई मर्सिडीज़ GLS कार के लिए UK 07 HJ 0001 नंबर को 13 लाख 74 हजार रुपये की भारी-भरकम बोली लगाकर हासिल किया।
यह बोली देहरादून के इतिहास की दूसरी सबसे ऊंची बोली बन गई है। इससे पहले शहर में अब तक की सबसे बड़ी बोली UK 07 HC सीरीज के 0001 नंबर के लिए 13 लाख 77 हजार रुपये की लग चुकी है।
फैंसी नंबरों पर जमकर बरसा पैसा।
UK 07 HJ सीरीज के अन्य खास नंबरों के लिए भी लोगों ने खुलकर जेब ढीली की। नीलामी में दर्ज की गई प्रमुख बोलियां इस प्रकार रहीं:-
UK 07 HJ 0003 के लिए 4 लाख 87 हजार रुपये
UK 07 HJ 0007 के लिए 3 लाख 66 हजार रुपये
UK 07 HJ 0006 के लिए 1 लाख 78 हजार रुपये
UK 07 HJ 7777 के लिए 1 लाख 80 हजार रुपये
UK 07 HJ 0009 के लिए 1 लाख 60 हजार रुपय
UK 07 HJ 7000 के लिए 1 लाख 51 हजार रुपय
UK 07 HJ 0005 के लिए 1 लाख 32 हजार रुपये
कैसे मिलता है 0001 नंबर
अगर कोई वाहन स्वामी 0001 नंबर लेना चाहता है, तो उसे सबसे पहले एक लाख रुपये की न्यूनतम राशि जमा करनी होती है। इसके बाद ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया जाता है। 0001 और 0786 ऐसे नंबर हैं जिनकी बेस प्राइस एक लाख रुपये तय है, जबकि अन्य फैंसी नंबरों की न्यूनतम कीमत 25 हजार और 10 हजार रुपये होती है।
0786 का क्रेज हुआ फीका
कभी देहरादून में बेहद लोकप्रिय रहा 0786 नंबर अब लोगों को खास आकर्षित नहीं कर पा रहा। हालांकि इसकी न्यूनतम कीमत अब भी एक लाख रुपये है, लेकिन मौजूदा नीलामी में इस नंबर के लिए एक भी बोली नहीं लगी।
आरटीओ की पुष्टि
देहरादून आरटीओ संदीप सैनी के अनुसार, UK 07 HJ सीरीज के कुल 23 नंबरों को ऑनलाइन नीलामी के लिए रखा गया था। इनमें सबसे ऊंची बोली 0001 नंबर के लिए 13 लाख 74 हजार रुपये की रही, जिसके बाद यह नंबर शहर के एक अधिवक्ता को आवंटित कर दिया गया।
फैंसी नंबरों को लेकर बढ़ता यह क्रेज साफ संकेत दे रहा है कि देहरादून में अब गाड़ी का नंबर भी रुतबे और पहचान का बड़ा प्रतीक बन चुका है।

