उत्तराखंड के ऋषिकेश में हाई-टेक ड्रोन सर्वे शुरू: हर इमारत का बनेगा थ्री-डी मैप, हाउस टैक्स का होगा सटीक आंकलन………
ऋषिकेश: नगर निगम क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन सर्वे शुरू किया गया। इससे शहर की हर इमारत का फ्लोर-स्तर तक सटीक थ्री-डी मैप तैयार किया जा सकेगा। भविष्य में भवनों के सर्वे के डेटा के साथ इसे लिंक किया जाएगा। इससे नगर निगम बेहद सटीक हाउस टैक्स का आकलन कर टैक्स वसूली की प्रक्रिया को और पारदर्शी बना पाएगा।
ऋषिकेश और आसपास के निकायों में जर्मन विकास बैंक की ओर से वित्तपोषित एकीकृत शहरी बुनियादी ढांचा विकास के लिए करीब 1,600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें जल आपूर्ति, जल निकासी, सार्वजनिक स्वच्छता, स्मार्ट शहरी स्थान, वेंडिंग ज़ोन और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन जैसे बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। शनिवार को परियोजना के तहत त्रिवेणी घाट के समीप चंद्रभागा संगम पर अत्याधुनिक ड्रोन सर्वे का विधिवत उद्घाटन महापौर शंभू पासवान ने किया।
बताया कि शहर के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए इतने वृहद स्तर पर इस तरह का हाई-टेक सर्वे पहली बार किया जा रहा है। मौके पर मौजूद जीआइएस विशेषज्ञ अंकित सिंह ने बताया कि जिस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है उससे ऋषिकेश शहर की प्रत्येक इमारत का फ्लोर-स्तर तक बेहद सटीक थ्री-डी मैप तैयार किया जा सकेगा।
थ्री-डी डेटा को भविष्य में हाउस होल्ड सर्वे के डेटा के साथ लिंक किया जाएगा। इसके माध्यम से नगर निगम के लिए एक ऐसा रीयल-टाइम प्लेटफार्म विकसित किया जा सकता है, जिससे एकदम सटीक हाउस टैक्स का आकलन और वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी और बेहद आसान हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह तकनीक भविष्य के सभी विकास कार्यों की सटीक मानीटरिंग, वृहद डेटा संकलन और भविष्य की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए एक मजबूत बेसलाइन डेटा तैयार करने में कारगर होगा। प्रोग्राम डायरेक्टर अभिषेक रुहेला, परियोजना प्रबंधक जतिन सैनी ने बताया कि राज्य में पहली बार इस तरह से सर्वे किया गया है।
आनलाइन होगा संपत्तियां के नामांतरण का काम
नगर निगम में अब संपत्तियां के नामांतरण का काम भी आनलाइन किया जाएगा। एक अप्रैल से यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे पहले नगर निगम की ओर से हाउस टैक्स की प्रक्रिया को आनलाइन करने का काम पूरा कर दिया गया है।
एक अप्रैल से हाउस टैक्स भी आनलाइन जमा कराए जा सकते हैं। शहर में करीब 12 हजार भवनों से हाउस टैक्स लिया जाता है। करीब नौ हजार भवनों का डेटा नगर निगम तैयार कर चुका है। मोबाइल पर ही हाउस टैक्स के डिमांड नोटिस और आनलाइन भुगतान की सुविधा रहेगी। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि संपति नामांतरण का काम भी आनलाइन किया जाएगा।

