उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्या मामले में कांग्रेस का उग्र विरोध: भाजपा विधायक रेनू बिष्ट के निवास पर घेराव का प्रयास, पुलिस के साथ तकरार………

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्या प्रकरण में कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर अब तक नहीं मिलने से असंतुष्ट कांग्रेस ने राज्य सरकार के विरुद्ध आंदोलन छेड़ दिया है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नारों के साथ सरकार की प्रतीकात्मक प्रतिमा जलाकर कथित प्रमुख व्यक्ति के नाम का खुलासा तथा सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। इसी सिलसिले में शनिवार को महिला कांग्रेस ने यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट के घर को चारों ओर से घेरने के लिए मार्च निकाला।

उत्तराखंड कांग्रेस महिला इकाई की प्रदेश प्रमुख ज्योति रौतेला के मार्गदर्शन में महिला कांग्रेस की सदस्यों ने 3 जनवरी को पौड़ी गढ़वाल जिले के ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित आशुतोष नगर में विधायक रेनू बिष्ट के घर को घेरने की कोशिश की। जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत सतर्क हो गई और घेराव करने जा रही प्रदर्शनकारी महिलाओं को घर पहुंचने से पहले ही अवरोधक लगाकर मार्ग में रोक लिया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर महिला कांग्रेस की नेत्रियां उत्तेजित हो गईं और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारे लगाने लगीं। इस बीच ज्योति रौतेला ने अवरोधक पार करने का प्रयत्न किया, जहां उनके और पुलिसकर्मियों के बीच कड़ी बहस हुई। उसके पश्चात ज्योति रौतेला सड़क पर धरना देते हुए बैठ गईं और सरकार विरोधी नारे जारी रखे।

समाचार माध्यमों को दिए बयान में ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्या मामले में अब तक विधायक रेनू बिष्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके अतिरिक्त कथित प्रमुख व्यक्ति कौन है? इसका उत्तर भी सरकार ने नहीं प्रदान किया है। हत्या मामले में ‘गट्टू’ की पहचान क्या है? अब इसका स्पष्टीकरण भी शेष है। उन्होंने प्रश्न किया कि यदि सरकार अंकिता को पूर्ण न्याय प्रदान करने की इच्छुक है, तो सीबीआई जांच से क्यों हिचकिचा रही है? महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रमुख का मत है कि जब तक सरकार उनके प्रश्नों का समाधान नहीं करेगी, तब तक केवल ऋषिकेश में ही नहीं, अपितु समूचे राज्य में ऐसे आंदोलन चलते रहेंगे।

वास्तव में, हाल ही में ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित जीवनसंगिनी ने एक ध्वनि रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी, जिसमें कथित प्रमुख व्यक्ति तथा ‘गट्टू’ के नामों का उल्लेख किया गया था। इस रिकॉर्डिंग के सोशल मीडिया पर फैलने के बाद पूरे प्रदेश में कांग्रेस, यूकेडी तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं सड़कों पर उतर आई हैं। साथ ही सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

इसके अलावा कांग्रेस ने रेनू बिष्ट पर आरोप लगाया कि जिस रिसॉर्ट में अंकिता भंडारी कार्यरत थीं, जहां उन पर दबाव बनाया गया था, उसी रिसॉर्ट को रेनू बिष्ट ने खुदाई मशीन चलाकर ध्वस्त कर दिया था। कांग्रेस ने रेनू बिष्ट पर साक्ष्यों को नष्ट करने का इल्जाम लगाया है।

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