उत्तराखंड की राजधानी में आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी पर मामले में बैकफुट पर देहरादून नगर निगम, यहां मिलेगी तैनाती…….

देहरादून: देहरादून नगर निगम में 56 आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी पर विवाद गहरा गया है। विरोध के बाद निगम बैकफुट पर आ गया है। नगर निगम देहरादून में आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया पर अभी असमंजस बना हुआ है। करीब 56 कर्मियों की छंटनी की सूची तैयार कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।

हालांकि, विरोध के बाद दोबारा अनुभागों से कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई और छंटनी की सूची में शामिल कुछ कर्मचारियों से भी फील्ड वर्क करने को लेकर पूछा गया। जिन्हें अब पार्कों में निगरानी के लिए तैनात करने की बात की जा रही है। कर्मचारी नेता और पार्षद छंटनी का विरोध कर रहे हैं। आज इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

आउटसोर्स के कुल 363 कर्मचारी नियुक्त
नगर निगम में आउटसोर्स के माध्यम से कुल 363 कर्मचारी नियुक्त हैं। जिनमें से 56 कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर ली गई थी। जिसका विरोध होने लगा। मामला तब गंभीर हो गया, जब यह खुलासा हुआ कि छंटनी की सूची में ऐसे कर्मचारियों के नाम भी शामिल कर दिए गए, जो वर्तमान में निगम में नियमित रूप से काम कर रहे हैं। विवाद बढ़ने के बाद निगम स्तर पर छंटनी की सूची को संशोधित करने के निर्देश जारी किए गए।

इसी बीच निगम प्रशासन की ओर से एक वैकल्पिक व्यवस्था भी सामने आई। जिन आउटसोर्स कर्मियों के पास फिलहाल कोई कार्य नहीं है, उन्हें नगर निगम के अंतर्गत विकसित किए गए पार्कों में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनी के माध्यम से तय पदों की तुलना में अधिक आउटसोर्स कर्मचारी तैनात हैं।

वर्तमान में निगम के अधीन कई पार्क विकसित किए गए हैं, जिनमें सुरक्षा की दृष्टि से गार्ड की आवश्यकता है। ऐसे में 56 आउटसोर्स कर्मचारियों को पार्कों में निगरानी के लिए तैनात करने की भी बात चल रही है। नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन कर्मचारी किस अनुभाग में और किस कार्य के लिए तैनात है।

स्थिति यह है कि कई आउटसोर्स कर्मी टैक्स अनुभाग, लैंड अनुभाग और आरटीआइ से जुड़े कार्यों को देख रहे हैं, जबकि कुछ जोनल कार्यालयों में तैनात होकर काम कर रहे हैं। यदि एक-एक कर्मचारी की मौके पर जांच कराई जाए, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई व्यापक सत्यापन नहीं किया गया है। छंटनी के मामले में नगर निगम के कर्मचारी नेता और पार्षद आपत्ति जता चुके हैं। ऐसे में आज इस मामले में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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