उत्तराखंड में मानव-भालू संघर्ष की घटनाओं पर सीएम धामी नाराज, नियंत्रण के लिए कार्रवाई करने के निर्देश……..

देहरादून: शीतकाल के समय भालू के प्री हाइबरनेशन अवधि होने के कारण सक्रिय हो जाते हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि किसी भी घटना के घटित होने पर संबंधित डीएफओ तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे।

मानव-भालू संघर्ष की घटनाओं को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने वन विभाग को तत्काल घटनाओं के नियंत्रण के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने वनाधिकारियों के अलावा जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने घरों के आसपास फैले कूड़े का निस्तारण करने, मानव-भालू संघर्ष की घटनाओं पर नियंत्रण करने के निर्देश दिए।

कूड़े का निस्तारण न करने वालों कार्रवाई करें
प्रमुख सचिव सुधांशु ने कहा कि जिलाधिकारी जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। कचरे का निस्तारण जैविक रूप में किया जाए। उन्होंने कहा, कचरे वाले स्थान पर कैरोसिन, फिनाइल डालकर भालू को आने से रोका जा सकता है। सभी जिलाधिकारी कूड़ा निस्तारित न करने वाले अधिशासी अधिकारियों व संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर कार्रवाई करें

सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम करें
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शीतकाल के समय भालू के प्री हाइबरनेशन अवधि होने के कारण सक्रिय हो जाते हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि किसी भी घटना के घटित होने पर संबंधित डीएफओ तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। भालू के हमले से प्रभावितों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने के साथ ही सुरक्षा उपाय करें।

अनटाइड फंड से राशि दी जाए
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मुआवजा की धनराशि उपलब्ध न हो तो जिलाधिकारी अविलंब अनटाइड फंड से धनराशि दें। इस संबंध यदि लापरवाही होती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा, पीसीसीएफ वन्यजीव रंजन मिश्रा, एपीसीसीएफ विवेक पांडे के अलावा अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े थे।

यह भी निर्देश दिए गए
– आबादी क्षेत्रों के आसपास प्रकाश की उचित व्यवस्था करें।
– लोगों को मजबूत बाड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
– गौशाला, घरों के आसपास झाड़ियों की नियमित सफाई हो।
– भालू मूवमेंट वाले क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग करें।
– भालू के ज्ञात वासस्थलों को सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
– पैदल गश्त बढ़ाने के साथ समूह में करें।
– दीर्घकालीक उपायों के तहत भालू वाले इलाकों में पौधरोपण करें।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *