देश भर में महंगी हुई रसोई! LPG सिलेंडर के दाम में बड़ा इजाफा……

देहरादून: देश भर में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। शनिवार से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि हुई है, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं। नए रेट आज से लागू हो गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी असर पड़ने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर का मूल्य अब 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गया है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये पहुंच गई है। कोलकाता में यह सिलेंडर 879 रुपये से बढ़कर 930 रुपये का हो गया है, जबकि चेन्नई में इसका नया रेट 928.50 रुपये तय किया गया है, जो पहले 868.50 रुपये था।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है। मुंबई में इसका रेट 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये पहुंच गया है। कोलकाता में कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।

बताया जा रहा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम अप्रैल 2025 से स्थिर बने हुए थे। उस समय दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था। अब करीब एक साल बाद कीमतों में यह नई बढ़ोतरी की गई है, जिसका असर घरेलू उपयोगकर्ताओं और एलपीजी पर निर्भर व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

इस बीच देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार ने आश्वस्त किया है कि किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को किफायती और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारत में ऊर्जा संसाधनों की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को सप्लाई को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उधर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें पेट्रोल और डीजल की कमी की बात कही जा रही थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सप्लाई तथा वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।

कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन स्टेशनों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने को कहा गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के बावजूद भारत में क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की स्थिति फिलहाल सामान्य है। देश के पास कई स्रोतों से ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध है, जो संभावित बाधाओं से प्रभावित होने वाली मात्रा से अधिक है। इसके अलावा मौजूदा स्टॉक भी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त बताया गया है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और यदि सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट आती है तो अन्य क्षेत्रों से आयात बढ़ाने की रणनीति तैयार की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में भी विविधता लाई है।

साल 2022 से भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात शुरू किया था। उस समय कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी केवल 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन बाद के वर्षों में यह तेजी से बढ़ी। फरवरी में भारत ने रूस से अपने कुल कच्चे तेल आयात का करीब 20 प्रतिशत तेल खरीदा, जो लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रतिदिन के बराबर है।

एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक देश में एलपीजी का मौजूदा स्टॉक पर्याप्त है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

इसके अलावा जनवरी से अमेरिका से भी एलपीजी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। नवंबर 2025 में भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने वर्ष 2026 के लिए अमेरिका के गल्फ कोस्ट से लगभग 2.2 मिलियन टन एलपीजी आयात करने के लिए एक साल का समझौता किया था।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *