उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी के पहुंचते ही हेलीपैड पर हंगामा, नेताओं ने वहीं खोल दी पोल………
हरिद्वार: हरिद्वार में मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व गुरुकुल हेलीपैड पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सुरक्षा घेरा पार करने से रोके जाने पर भाजपा के कुछ पदाधिकारी नाराज़ हो गए और मामला बढ़ने पर उन्होंने मौके पर ही मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें कुछ नेता असंतोष व्यक्त करते दिखाई दे रहे हैं।
दौरे के दौरान हुआ घटनाक्रम
मंगलवार को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami हरिद्वार पहुंचे थे। वे बैरागी कैंप में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करने आए थे, जो केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah के संभावित दौरे से संबंधित था। हेलीकॉप्टर के आगमन की सूचना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने रस्सियों के माध्यम से परिधि निर्धारित की।
इसी दौरान दर्जाधारी मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, सुनील सैनी, भाजपा जिला महामंत्री संजीव चौधरी, जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष आशु चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता भीतर जाने का प्रयास करने लगे। सुरक्षा कर्मियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए ओमप्रकाश जमदग्नि और सुनील सैनी को रोक दिया, जिससे असहमति की स्थिति उत्पन्न हो गई।
आरोप-प्रत्यारोप और हस्तक्षेप
सुरक्षा घेरे में प्रवेश न मिलने पर ओमप्रकाश जमदग्नि ने आपत्ति जताई और गुरुकुल मैदान में ही रुक गए। उनके समर्थन में अन्य पदाधिकारी भी वहां खड़े हो गए। जमदग्नि ने एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया। स्थिति को संभालने के लिए हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह ने हस्तक्षेप किया और नाराज़ नेताओं से बातचीत की।
इसी बीच मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर गया। हालांकि विवाद जारी रहा और ओमप्रकाश जमदग्नि ने एसपी सिटी से क्षमा मांगने की बात कही। बाद में अधिकारियों के समझाने पर सभी नेता मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई शिकायत
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि हेलीपैड पर स्वागत के समय उन्हें बार-बार रोका जाता है और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है। भाजपा जिला महामंत्री संजीव चौधरी ने भी कहा कि कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को मिलने से रोका जाता है, जो उचित नहीं है।
जमदग्नि का स्पष्टीकरण
घटना के बाद दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच यह केवल आपसी गलतफहमी थी, जिसे वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में सुलझा लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और सचिव मनीष सिंह उनके परिचित हैं तथा अब किसी प्रकार की नाराज़गी शेष नहीं है।
पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है और इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
