जहां बिछबा दी थी कीलें वहां अब राकेश टिकैत करेंगे खेती , खेती करने के लिए राकेश टिकैत ने आज दो ट्रक मिट्टी डलवाई
किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए भरपूर प्रयास किए गए । और जब देश के कोने कोने से किसान आंदोलन में जुड़ना चाह रहे थे तो उन किसानों को रोकने के लिए सरकार ने अजीबोगरीब कारनामे किए सड़कों पर गड्ढे हो दें ताकि किसानों के ट्रैक्टर इस आंदोलन में ना आ सके। उसके बाद रोड पर की ले गाड़ी गई । ताकि किसान अगर इस रास्ते से गुजरे तो उनके ट्रैक्टरों में निकले घुस जाएं और उनके ट्रैक्टर के पहियों में पंचर हो जाए जिससे किसान उसी स्थल तक ना पहुंच पाए इस तरीके के इंतजाम किसानों को रोकने के लिए किए गए थे।
लेकिन किसानों के साथ सरकार का यह रवैया जब पूरी दुनिया को पता चला तो शर्मिंदगी के चलते हुए इन कीलों को उखाड़ने का आदेश दे दिया। लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत वहां पहुंचे जहां किसानों को रोकने के लिए सड़क पर गिरे बिछबाई गई थी। कहां पहुंच कर उन्होंने उस जगह को देखा और फिर वहां खेती करने का मन बना लिया राकेश टिकैत ने अपने बयान में कहा है कि जहां सरकार ने उनके प्रदर्शन को रोकने के लिए कीले बिछबा दी थी। उस जगह अब राकेश टिकैत खेती करेंगे।
और इसी के चलते हुए राकेश टिकैत ने आज उसी स्थान पर दो ट्रक मिट्टी डलवाई ताकि उस मिट्टी को वहां उर्वरक बनाकर उस पर खेती की जा सके। सोशल मीडिया पर भी राकेश टिकैत ने उस फोटो को अपलोड किया जिसमें वह उसी स्थान पर मिट्टी को फैलाते हुए नजर आ रहे हैं। वह इसी जगह ना आजमाना चाहते हैं जिस जगह पर सरकार ने किसानों को रोकने के लिए इस तरीके का रवैया इस्तेमाल किया था जो पूरी दुनिया में अभी तक किसी ने इस्तेमाल ना किया होगा।
और अब किसान आंदोलन में गांव गांव से लोग बड़ी मात्रा में जुट रहे हैं। सभी के साथ मिलकर महापंचायत कर रहे हैं उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखी जा सकती हैं कि कितनी बड़ी संख्या में लोग इस महापंचायत में जुट रहे हैं। यदि देखा जाए तो किसान पिछले कई महीनों से अपने हक की मांग कर रहा है। उस किसान को तो मुख्यधारा के मीडिया के चैनल पर कोई भरोसा नहीं है क्योंकि इन चैनलों ने तो हमेशा किसानों को लेकर गलत खबरों का प्रचार-प्रसार भी किया है