उत्तराखंड में आज गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने ली चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक………
देहरादून: आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय ऋषिकेश में विगत माह फरवरी में हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अद्यतन किए गए कार्यो की समीक्षा की गई। जिसमें मुख्य रूप से सड़कों के रखरखाव हेतु कार्यदायी निर्माणदायी इकाईयां लोनिवि, एनएच, एनएचआईडीसीएल, बीआरओ, एनएचएआई से चल रहे निर्माण एवं चौडीकरण, पैचवर्क, डामरीकरण आदि कार्यो की विस्तार से प्रगति समीक्षा की गई और सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों में सड़कों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई।
गढ़वाल आयुक्त ने प्रत्येक दशा में 25 अप्रैल तक सड़क सुधारीकरण कार्यो को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान यात्रा व्यवस्थाएं समयबद्ध पूर्ण करने, पार्किंग क्षमता बढाने, पैदल मार्ग का सुधारीकरण, यात्री रजिस्ट्रेशन को सुविधाजनक बनाने, स्वास्थ्य सुविधा व हेली सर्विस सहित अन्य सुगम सुविधा हेतु संचालित कार्यो को यात्रा से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि धनराशि की कोई कमी नही है। सभी जिलाधिकारी अपनी डिमांड उपलब्ध करें।
आयुक्त गढ़वाल ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित, सुविधाजनक बनाने और चारधाम यात्रा की सफलता के लिए सड़के सुगम और सुरक्षित होनी आवश्यक है। उन्होंने यात्रा रूट की सभी सड़कों को गढ़ढामुक्त करने और स्लाइड जोन पर प्रोटेक्शन कार्यो को तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। केदारानाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए गढ़वाल आयुक्त ने बर्फवारी से क्षतिग्रस्त रैन सेल्टर, आस्था पथ व पैदल मार्गो को जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। यात्रा रूट पर चिन्हित पार्किंग स्थलों की क्षमता और वहां पर जरूरी संशाधनों की व्यवस्था की जाए। चारों धामों में शुद्व पेयजल की व्यवस्था एवं घोडे खच्चरों के लिए गरम पानी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी विभाग चारधाम यात्रा से जुड़े कार्यो को उच्च प्राथमिकता से पूरा करें।
पर्यटन विभाग को यात्रियों के पंजीकरण काउंटर में पर्याप्त संख्या में स्टाफ की तैनाती करने और यात्रियों के ऑनलाइन व ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था में और सुधार एवं सरलीकरण करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग एवं धामों के निकट शीघ्र पंजीकरण काउंटर स्थापित करते हुए 28 अप्रैल से पूर्व सभी काउंटर का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को जनपद चमोली के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने, यात्रा मार्ग पर अस्थाई चिकित्सा केंद्रों में चिकित्सक व अपेक्षित स्टाफ की तैनाती के साथ जीवन रक्षक दवा, उपकरण व एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा। परिवहन विभाग को चारधाम यात्रा के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने और ओवरलोडिंग रोकने हेतु उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। कहा कि बिना दर्शन के किसी भी यात्री को वापस न भेजे। चारों धाम एवं यात्रा मार्ग पर स्थापित सुलभ शौचालयों में पानी एवं सफाई रखने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को चारों धामों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा उरेडा विभाग को अतिरिक्त जनरेटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि यात्रा रूट पर स्थित गोदामों में समुचित मात्रा में खाद्यान्न भण्डारण, पेट्रोल, डीजल व गैस सिलेंडर की पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। बीएसएनएल को संचार व्यवस्था हेतु फ्रीक्वेन्सी, नेटवर्किंग एवं मोबाइल टावरों के सुचारू संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। उडडयन विभाग को हैली सर्विस की बुकिंग, फर्जी वेबसाइट को प्रतिबंधित करने व हेली परिसर में यात्रियों के लिए सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा बताया गया कि ट्रैफिक प्लान के अंतर्गत प्रत्येक 10 किलोमीटर को सेक्टर में विभाजित किया गया है और निकट पुलिस चौकी इंचार्ज को इसका प्रभारी बनाया गया है। साथ ही मोबाइल टीम ट्रैफिक मैनजमेंट करेगी। बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की प्रगति को लेकर अवगत कराया।
बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, जिलाधिकारी पौड़ी डा. आशीष चौहान, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग डा. सौरभ गहरवार, जिलाधिकारी चमोली डा. संदीप तिवारी, जिलाधिकारी उत्तरकाशी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल, एसपी उत्तरकाशी सरिता डोभाल, एसपी रुद्रप्रयाग अक्षय प्रहलाद कुंडे, पुलिस अधीक्षक चमोली सर्वेस पंवार, एसपी सिटी हरिद्वार पंकज गैरोला, अपर आयुक्त गढ़वाल उत्तम सिंह चौहान, नगर आयुक्त ऋषिकेश शैलेंद्र सिंह नेगी, एसपी देहात देहरादून जया बलूनी, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश स्मृता परमार सहित यात्रा से जुड़े विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।