आइये जानते है वेद दीपक कुमार से “घुटनों के दर्द की चिकित्सा के बारे में”……..
हरिद्वार:-
विजयसार की चाय*
विजयसार एक वृक्ष है जो कि जोड़ों के दर्द कैल्शियम की कमी और मधुमेह के लिए बहुत उपयोगी है। इसकी लकड़ी या इसकी लकड़ी का चूर्ण आपको पंसारी से मिल जाएगा, खादी ग्रामोद्योग में इसके बने गिलास भी मिलते हैं। जिसमें रात्रि में रखा हुआ पानी सुबह पीने से भी लाभ मिलता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं। इसके उपयोग से घुटनों के दर्द को कैसे सही करे। एक बार ये प्रयोग जरुर आजमाए।
*उपयोग*
रात्रि को सोते समय 6 ग्राम विजयसार की लकड़ी, 250 ग्राम, दूध डेढ़ गिलास, पानी 375 ml और 2 चम्मच चीनी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब पक कर, दूध एक कप 200 ml रह जाए, तब छान कर पी जाए। ऐसा करने से, घुटनों का दर्द सही हो जाता है ।
घुटनों की हड्डियों का कैल्शियम शुष्क होने की शिकायत दूर होती है। क्योंकि विजयसार हड्डियों के कैल्शियम को तर रखती है।
पुरानी चोट के दर्द को भी ठीक करती है। इसके प्रयोग से टूटी हुई हड्डी शीघ्र जुड़ जाती है। हड्डी को पहले सेट करवा कर प्लास्टर करवा लें।
इससे कमर का दर्द भी दूर होता है। इसके सेवन करने वाले मनुष्य की वृद्धावस्था में कभी गर्दन नहीं कापेगी, हाथ नहीं कापंगे और हाथ पैरों व शरीर की हड्डियां चोट लगने पर सहज नहीं टूटेंगी और हड्डियों में प्राय होने वाली कड़ कड़ भी बंद हो जाएगी।
*सावधानी*
ये प्रयोग ज्यादा गर्मी के मौसम में नहीं करना चाहिए। गर्भवती औरतों को भी नहीं करना चाहिए।
*गर्मियों में विजयसार का पानी*
विजयसार का पानी बनाने के लिए 6 ग्राम विजयसार की लकड़ी का बुरादा कर लें और रात को 250 ml पानी में भीगो कर रख दें और सुबह छान कर पी लें और इस तरह सुबह का भिगोया पानी रात को पी लें। हर बार विजयसार की नई लकड़ी लें।

