उत्तराखंड में एंजेल चकमा हत्याकांड पर गर्दन में गहरा घाव, रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर, रिपोर्ट आई सामने……….
देहरादून: त्रिपुरा के युवा छात्र एंजेल चकमा की मौत के मामले में अब विस्तृत शव परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध हो गई है। इस रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि युवक पर क्रूरता से हमला किया गया था। धातु की वस्तु और चाकू से प्रहार किए गए, जिससे उसकी गर्दन, रीढ़ और स्पाइनल कॉर्ड को गंभीर क्षति पहुंची। साथ ही, रीढ़ की हड्डी में टूटन भी पाई गई है।
जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय त्रिपुरा निवासी एंजेल चकमा की मौत के इस प्रकरण में छह संदिग्धों में से पांच को अब तक हिरासत में लिया जा चुका है। एक नेपाल मूल का संदिग्ध यज्ञराज अवस्थी, जिसने युवक पर चाकू से हमला किया था, अभी भी भागा हुआ है। फरार संदिग्ध यज्ञराज अवस्थी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया है।
शव परीक्षण रिपोर्ट में क्रूर हत्या की पुष्टि:
रिपोर्ट के अनुसार, एंजेल चकमा की गर्दन के दाहिने भाग में 12.5 सेंटीमीटर लंबा कटाव था, जिसमें 13 सिलाई लगाई गई थी। वहीं, पेट के नीचे वाले हिस्से में 3 सेंटीमीटर का जख्म था, जिसमें तीन सिलाई की गई थी। इसके अतिरिक्त, दाहिने कंधे पर एक सेंटीमीटर का चोट का निशान दर्ज हुआ है। साथ ही, युवक की रीढ़ और स्पाइनल कॉर्ड पर गंभीर आघात पहुंचा था। रीढ़ की हड्डी के C2, C3 और C5 खंडों में फ्रैक्चर पाया गया। उपचार के दौरान C2 और C3 भागों में प्रत्यारोपण भी किया गया था।
क्या था घटनाक्रम? देहरादून पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 की शाम को ये सभी छह संदिग्ध जन्मदिन समारोह के लिए एकत्र हुए थे। उनके आने से पूर्व एंजेल चकमा और उसका भाई वहां उपस्थित थे। संदिग्धों के आने पर वे आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे। इसी दौरान पास खड़े एंजेल और उसके भाई को लगा कि उन पर टिप्पणी की जा रही है। इस वजह से दोनों पक्षों में विवाद हुआ और फिर मारपीट शुरू हो गई।
इसी दौरान एक किशोर संदिग्ध ने धातु की वस्तु से एंजेल पर प्रहार किया, जबकि दूसरे ने आसपास की अंडे की दुकान से चाकू लेकर हमला कर दिया। इसके बाद संदिग्ध घटनास्थल से भाग निकले। फिर एंजेल के भाई ने ई-रिक्शा से घायल युवक को निजी चिकित्सालय पहुंचाया। वहां लंबे समय तक उपचार चला, लेकिन 26 दिसंबर की सुबह उपचार के दौरान एंजेल चकमा की मृत्यु हो गई।
पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के बाद संदिग्धों की पृष्ठभूमि की जांच की गई। इसमें यह देखा गया कि उनका कोई पूर्व अपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है, लेकिन जांच में ऐसा कोई इतिहास नहीं मिला। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ में पता चला कि यह घटना भ्रम की स्थिति में हुई और क्रोध में आकर इसे अंजाम दिया गया।
बता दें कि एंजेल चकमा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जनता सड़कों पर आई। लोगों ने मोमबत्ती जुलूस निकालकर न्याय की गुहार लगाई। दूसरी ओर, उत्तराखंड सरकार ने एंजेल चकमा के परिजनों को चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं एंजेल चकमा के पिता से टेलीफोन पर बात की और न्याय तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
“त्रिपुरा के युवा एंजेल चकमा की मृत्यु का मुख्य कारण शव परीक्षण रिपोर्ट में पूर्व-मृत्यु सिर की चोट (एंटेमोर्टेम हेड इंजरी) पाया गया है। जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि संदिग्धों में से एक ने धातु की वस्तु से उसके सिर पर आघात किया था। जबकि, दूसरे ने पेट के नीचे चाकू से प्रहार किया, जिससे उसकी मौत हुई।” :भास्कर शाह, सीओ, एसआईटी
एंजेल चकमा हत्याकांड के संदिग्ध-
अविनाश नेगी पुत्र हरीश नेगी (उम्र 25 वर्ष), निवासी- सहसपुर, देहरादून।
सूरज खवास पुत्र अनिल खवास (उम्र 18 वर्ष), मूल निवासी- मणिपुर, वर्तमान निवासी- पटेल नगर, देहरादून।
सुमित पुत्र प्यारे लाल (उम्र 25 वर्ष), निवासी- तिलवाड़ी, देहरादून।
दो किशोर।
यज्ञराज अवस्थी (उम्र 22 वर्ष), निवासी- कंचनपुर, नेपाल (भागा हुआ)।

