उत्तराखंड में फिर दहली राजधानी: सिल्वर सिटी मॉल में स्टोन क्रशर संचालक की गोली मारकर हत्या…….
देहरादून: देहरादून में शुक्रवार सुबह एक और सनसनीखेज वारदात ने शहर को दहला दिया। सिटी सेंटर स्थित जिम में कसरत करने आए 45 वर्षीय स्टोन क्रशर संचालक विक्रम शर्मा की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
मूल रूप से काशीपुर में स्टोन क्रशर संचालित करने वाले विक्रम शर्मा वर्तमान में देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में रह रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे वह जिम पहुंचे थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 10:30 बजे जैसे ही वह जिम से नीचे उतरे, पहले से घात लगाए दो हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। एक साथी को मुख्य सड़क पर बाइक के साथ तैयार रखा गया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए। सूत्रों के अनुसार, मृतक को किसी प्रकार के खतरे की आशंका थी और वह स्वयं भी पिस्टल लेकर आया था, लेकिन हमलावरों ने उसे संभलने या हथियार निकालने का मौका तक नहीं दिया। घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हमलावरों की तलाश में शहरभर में नाकेबंदी की गई है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने देहरादून में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब थमेगा दून में गोलियों का यह सिलसिला ?
क्या देहरादून क्राइम की राजधानी बनता जा रहा है। क्योंकि, 48 घंटे पहले ही दिनदहाड़े तिब्बती बाजार में कारोबारी कर्नल पुत्र अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले सरेबाजार मच्छी बाजार में युवती की गला काटकर हत्या के साथ ही हाल में विकासनगर और ऋषिकेश में जघन्य हत्याकांड सामने आ चुके हैं। युवक की शिनाख्त जारी है। खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है।
आज की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, पूरे मॉल परिसर को घेराबंदी में लिया गया और सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवक को बेहद नजदीक से गोली मारी गई है, जिससे यह मामला टारगेट किलिंग की आशंका भी पैदा करता है।यात्रा की गाइड और यात्रा की जानकारी
एस्केलेटर पर पड़ा मिला शव, दहशत में लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय मॉल में आवाजाही शुरू ही हुई थी कि अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। कुछ ही पलों में लोग इधर-उधर भागने लगे। जब सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे तो युवक एस्केलेटर के पास लहूलुहान हालत में पड़ा मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक: मॉल के अंदर और बाहर लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मॉल स्टाफ, सिक्योरिटी गार्ड और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ जारी है। हमलावर की पहचान और वारदात के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि हमलावर वारदात के बाद तेजी से मौके से फरार हो गया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि घटना पूर्व नियोजित (Pre-Planned Crime) हो सकती है।
हालिया घटनाओं पर नजर:
सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग
व्यापारियों पर हमले
दिनदहाड़े हत्याएं
संगठित अपराधियों की सक्रियता
गैंगस्टर कल्चर का उभार
अब मॉल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले सार्वजनिक स्थलों पर हत्या होना यह सवाल खड़ा करता है कि — क्या दून अब अपराध का नया केंद्र बनता जा रहा है?
कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था (Law & Order) पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या शहर में अपराधियों का डर खत्म हो चुका है?
क्या पुलिस की निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ रही है?
क्या अपराधी अब सार्वजनिक जगहों पर भी बेखौफ वारदात कर रहे हैं?
क्या संगठित अपराध नेटवर्क सक्रिय हो चुके हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पुलिस प्रशासन की चुनौती
प्रशासन और पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है:
अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी
शहर में सख्त पुलिसिंग
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
मॉल, मार्केट और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में इंटेलिजेंस निगरानी
अपराधियों पर डर पैदा करने वाली कार्रवाई
जांच जारी, कई एंगल से हो रही पड़ताल
पुलिस इस हत्या की जांच कई एंगल से कर रही है:
आपसी रंजिश
गैंग कनेक्शन
सुपारी किलिंग
पुरानी दुश्मनी
आपराधिक नेटवर्क
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद मौत के तरीके और इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
आज दून का हर नागरिक यही पूछ रहा है –
“अगर मॉल जैसे सुरक्षित स्थानों पर लोग गोली से मारे जा रहे हैं, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है?”
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा सवाल है। सिल्वर सिटी मॉल में हुई यह वारदात सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि देहरादून में बढ़ते अपराध, गिरती कानून-व्यवस्था और बढ़ती आपराधिक मानसिकता का खतरनाक संकेत है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह शहर भी उन शहरों की सूची में शामिल हो सकता है जहाँ डर सामान्य जीवन का हिस्सा बन जाता है।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
उत्तराखंड में हालिया जघन्य वारदात
29 जनवरी — विकासनगर:
12वीं की छात्रा मनीषा तोमर (18) की हत्या। चचेरा भाई दवा दिलाने के बहाने घर से ले गया था।
31 जनवरी — ऋषिकेश:
घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या। आरोपी वारदात के बाद फरार। दोनों पहले पति-पत्नी थे और तलाक के बाद अलग रह रहे थे।
02 फरवरी — पलटन बाजार, देहरादून:
भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती गुंजन की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या। घटना के बाद बाजार बंद कराया गया।
11 फरवरी — तिब्बती मार्केट, देहरादून:
40 वर्षीय अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या।
12 फरवरी – हल्द्वानी में लक्ष्मी और शुभम की पत्थर से कुचलकर हत्या
13 फरवरी – देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में युवक की गोली मारकर हत्यायात्रा की गाइड और यात्रा की जानकारी।
