उत्तराखंड में अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार में बदलेगा कई जगहों का नाम, चमगादड़ टापू होगा गंगाद्वीप, रोड़ी बेलवाला बनेगा हरि वन……..
हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड बैठक सोमवार 28 सितंबर को ऋषिकुल आडीटोरियम में प्रस्तावित है। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रचलित नाम बदलने से लेकर पार्किंग, विज्ञापन, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था और निगम की संपत्तियों के उपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। एजेंडे में शामिल प्रस्तावों को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद शहर के कई क्षेत्रों के नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
नगर निगम के एजेंडे के अनुसार चमगादड़ टापू का नाम गंगा द्वीप, रोड़ी बेलवाला का हरि वन, गड्ढा पार्किंग का अलकनंदा पार्किंग, उत्तम बस्ती का उत्तम नगर और कबाड़ी बस्ती का सुंदर बस्ती किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इन नामों को बदलने के पीछे क्षेत्रों को नए और उचित नाम दिए जाने की बात कही गई है। बैठक में नगर निगम के विभिन्न मामलों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के लिए विधि प्रकोष्ठ के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा किन्नर बधाई शुल्क निर्धारण के लिए उपविधि बनाए जाने पर भी बोर्ड विचार करेगा।
संपत्ति अनुभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में महत्वपूर्ण।
एजेंडे में महापौर कार्यालय परिसर में अतिथिगृह, व्यावसायिक कांप्लेक्स और गंगा म्यूजियम बनाए जाने का प्रस्ताव शामिल है। वहीं पुरानी कचहरी में अतिथिगृह अथवा व्यावसायिक कांप्लेक्स के निर्माण पर भी विचार किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र की सभी पार्किंग की निविदा का अधिकार नगर निगम हरिद्वार में निहित किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
इसी तरह क्षेत्र में लगने वाले सभी यूनिपोल विज्ञापनों का अधिकार भी निगम में निहित करने का प्रस्ताव है। शहर में डिवाइडर पोल और जगह-जगह लटके विभिन्न कंपनियों के तारों को हटाने, नगर निगम की सीमाओं पर स्वागत द्वार बनाने तथा पन्नालाल भल्ला म्यूनिसिपल कालेज परिसर में विधि महाविद्यालय अथवा उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए जाने से संबंधित प्रस्ताव भी बोर्ड के समक्ष रखे जाएंगे।
संपत्ति अनुभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में महत्वपूर्ण हैं। ग्राम सराय स्थित खरीदी गई भूमि की सेल डीड निरस्त करने और भूमि खरीद के लिए भुगतान की गई धनराशि वापस नगर निगम के खाते में प्राप्त करने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार होना है।
इसके अलावा मां मनसा देवी रोपवे के संचालन एवं अनुरक्षण की अवधि बढ़ाने की स्वीकृति तथा आगामी निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक अवधि बढ़ाने से संबंधित मामला भी बैठक में रखा जाएगा।

