उत्तराखंड में रेड अलर्ट के बीच अगले 48 घंटे मूसलाधार बारिश, जानिए कब मिलेगी राहत………..

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। पिछले करीब 24 घंटे से पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का दौर जारी है। कुमाऊं के कई इलाकों में रात से तेज बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार 26 और 27 सितंबर को प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रह सकता है।

26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी है।

बनबसा में 101 मिमी, टनकपुर में 89.5 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में कुमाऊं के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। 08:30 IST तक बनबसा में सर्वाधिक 101 मिमी, टनकपुर में 89.5 मिमी, चंपावत में 67 मिमी, खटीमा में 56 मिमी और लोहाघाट में 51 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। पंचेश्वर में 44 मिमी, चल्थी में 43 मिमी, पाटी में 40.5 मिमी, झूलाघाट में 38 मिमी और हल्द्वानी में 27.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

पिछले तीन घंटों में भी बारिश का जोर बना रहा। टनकपुर में 25 मिमी, चंपावत में 22.5 मिमी, लोहाघाट और पंचेश्वर में 20.5-20.5 मिमी, बनबसा में 19.5 मिमी तथा चल्थी और गुलरभोज में 17-17 मिमी बारिश दर्ज हुई। हल्द्वानी में इस दौरान 14.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

सात जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन अलर्ट
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए शनिवार को कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं। गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इस तरह मौसम की चेतावनी के बीच सात जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और संबंधित विभागों को मौसम की स्थिति के अनुरूप तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पिथौरागढ़ में हाईवे प्रभावित, आदि कैलाश यात्रा रोकी
लगातार बारिश के बीच पिथौरागढ़ जिले में भी स्थिति प्रभावित हुई है। टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट बैंड क्षेत्र में शुक्रवार शाम से यातायात बाधित है। लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय का अन्य जिलों से संपर्क भी प्रभावित बताया गया है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए आदि कैलाश यात्रा भी शनिवार को रोक दी गई है। हल्द्वानी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में रात से तेज बारिश का दौर जारी है।

चमोली में बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी
चमोली जिले में देर रात से बारिश जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची पहाड़ियों पर भी बर्फबारी देखने को मिली है। मौसम विभाग ने 4,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी की संभावना जताई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए
भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन से वार्ता कर संबंधित जिलों और विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने को कहा। मौसम संबंधी चेतावनियों का तत्काल स्थानीय स्तर तक प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारियों ने भी बढ़ाई निगरानी
मौसम की चेतावनी को देखते हुए जिला स्तर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। संबंधित अधिकारियों को आपदा प्रबंधन सेवाओं को तत्पर रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हरिद्वार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की ओर जाने से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन ने आपात स्थिति में त्वरित सूचना और समन्वय के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय रखा है।

27 सितंबर को भी जारी रहेगा भारी बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को भी उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 28 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश का असर बना रह सकता है। 29 सितंबर से पर्वतीय जनपदों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का पूर्वानुमान है।

बारिश के दौर में कमी आने से मिलेगी राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर से बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती हैं। 30 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ होने की संभावना है। लगातार बारिश के बीच अगले कुछ दिनों में मौसम के सामान्य होने से बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिलने की संभावना है। मानसून की विदाई का क्रम भी इसी अवधि के आसपास शुरू होने की संभावना है।

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