अगले दो साल में कुंभ मेलों के लिए रेलवे की तैयारी शुरू, चलेंगी 200 स्पेशल ट्रेनें……..
हरिद्वार: अगले दो साल में लगने वाले देश के सभी कुंभ मेलों के लिए रेलवे ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। कुंभ मेले के दौरान उमड़ने वाले लाखों यात्रियों के आवागमन के लिए 200 स्पेशल ट्रेनें तैयार खड़ी रहेंगी।
स्पेशल ट्रेन बन कर चलने वाली 200 आइसीएफ रैक के अपग्रेडेशन का बजट पास किया गया है। 150 मेला स्पेशल रैक के बंटवारे और रोलिंग स्टाक प्रोग्राम अपग्रेडेशन की जिम्मेदारी अलग-अलग जोन को सौंपी गई है। प्रत्येक जोन रैक तैयार रखेंगे।
जोनवार उपलब्ध ट्रेनों को श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुसार चलाया जाएगा। मेला स्पेशल ट्रेनों के बाहरी हिस्से स्पेशल विनाइल रैपिंग डिजाइन से सुसज्जित होंगे। डिजाइन रेलवे बोर्ड स्तर पर तय होगा।
खटारा डिब्बे से नहीं चलेंगी कुंभ स्पेशल, समय से पहले मेंटेनेंस
मेला स्पेशल के रूप में खटारा डिब्बे वाली ट्रेन नहीं चलेंगी। इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है। सभी जोन को आइओएच-पीओएच यानी इंजन व कोच, पहिए, स्पेयर-पार्ट्स की जांच और मेंटेनेंस समय से पहले पूरा करने होंगे। पहिए, स्पेयर के स्टाक डिपो में रखने होंगे।
अंडरगियर से जुड़े मेंटेनेंस को प्राथमिकता के तौर पर पूरी करनी होगी ताकि कुंभ वाले एरिया को कोच काट कर अलग करने की नौबत न आये। साइड बफर, कप्लिंग, बोगी और एयरब्रेक की शत प्रतिशत जांच अनिवार्य होगा। सीट, लाइट, पंखे, चार्जिंग शाकेट, खिड़की व दरवाजे फिट रखे जाएंगे।
पूर्व मध्य रेल को रोलिंग स्टाक प्रोग्राम अपग्रेडेशन के तहत 12 रैक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह पूर्व रेलवे को 12, दक्ष्रिण पूर्व रेल को 10 समेत 17 जोन मिलाकर 150 रैक अपग्रेडेशन स्पेशल ट्रेनों के लिए किये जाएंगे।
प्रयागराज महाकुंभ में धनबाद मंडल से चली थीं 76 स्पेशल ट्रेनें
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान धनबाद रेल मंडल के विभिन्न स्टेशन से 76 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। इनमें केवल धनबाद स्टेशन से 28 कुंभ स्पेशल ट्रेनें चली थीं।
इतनी अधिक स्पेशल ट्रेनों के बाद भी श्रद्धालुओं की संख्या इतनी थी कि नियमित ट्रेनों के एसी कोच भी जनरल बन कर चले थे। यही वजह है कि इस बार रेलवे कई माह पहले से कसरत शुरू कर दिया है।

