उत्तराखंड में हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए केंद्र ने खोला अनाज का भंडार, 8000 मीट्रिक टन गेहूं-चावल मिला………
हरिद्वार: हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए केंद्र ने उत्तराखंड के लिए अनाज का भंडार खोल दिया है। उत्तराखंड को 8000 मीट्रिक टन एक्स्ट्रा चावल और गेहूं मिलेगा।
Haridwar Kumbh 2027 Centre Allocates 8000 Metric Tonnes of Extra Wheat and Rice
हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए केंद्र ने खोला अनाज का भंडार
Haridwar Kumbh 2027: हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ मेला-2027 के मद्दनेजर केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त गेहूं और चावल देने का निर्णय किया है। इसके तहत राज्य को 3,051.079 मीट्रिक टन गेहूं और 4,978.073 मीट्रिक टन चावल अतिरिक्त रूप से मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला-2027 को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से आयोजित करने के लिए राज्य सरकार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड को केंद्र से सौगात
मालूम हो कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के लिए संबंधित राज्य को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वार्षिक खाद्यान्न आवंटन का अधिकतम दो प्रतिशत तक अतिरिक्त आवंटन किया जाता है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से राज्य को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन की मांग की थी। जिसके बाद भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने उत्तराखंड को कुल 8,029.152 मीट्रिक टन गेहूं एवं चावल का अतिरिक्त आवंटन किया है।
मनसा देवी मार्ग पर आरसीसी सड़क की मांग
हरिद्वार में लोगों ने कुंभ मेला अधिकारी को पत्र भेजकर मनसा देवी पैदल मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित इंटरलॉकिंग टाइल्स के स्थान पर आरसीसी सड़क बनाने की मांग की है। ब्रह्मपुरी वार्ड के पार्षद सोहित सेठी ने कहा कि यह मार्ग पहाड़ से सटा हिल बाईपास होने के कारण श्रद्धालुओं के साथ टेंपो ट्रैवलर, बस और अन्य भारी वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। पार्षद ने पत्र में बताया कि बरसात के दौरान पहाड़ से पानी के साथ मिट्टी और मलबा सड़क पर आ जाता है। इंटरलॉकिंग टाइल्स पर चिकनी मिट्टी जमने से मार्ग अत्यधिक फिसलन भरा हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होते हैं और पैदल श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को देखते हुए इस मार्ग को मजबूत और सुरक्षित बनाना आवश्यक है। आरसीसी सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी तथा भारी वाहनों के दबाव और बरसाती क्षरण का बेहतर सामना कर सकेगी। सेठी ने जनहित में कुंभ मेला प्रशासन से प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर आरसीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

