आइये जानते है बांके बिहारी मंदिर का ‘जगमोहन’ क्या है, जिस पर चढ़कर दर्शन करने पर हाई पावर कमेटी ने लगाई रोक………

मथुरा: बांके बिहारी मंदिर को लेकर हाई पावर कमेटी सख्त है। मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पावर कमेटी ने जगमोहन पर चढ़कर दर्शन करने पर रोक लगा दी है।

वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी द्वारा जगमोहन में ऊपर चढ़कर दर्शन करने पर प्रतिबंध लगाने के बाद कई दर्शनार्थियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ‘जगमोहन’ क्या है और यह मंदिर के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

जगमोहन, मंदिर वास्तुकला में इस्तेमाल होने वाला एक पारंपरिक शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है, “भगवान के सम्मुख स्थान।” बांके बिहारी मंदिर में जगमोहन वह मुख्य हॉल या मंडप है, जो गर्भगृह (जहां भगवान की मूर्ति विराजमान है) के ठीक सामने स्थित है। यह भक्तों और भगवान के बीच का सबसे करीबी स्थान होता है। यह वह स्थान है, जहां खड़े होकर अधिकांश भक्त भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन करते हैं। जब मंदिर में अत्यधिक भीड़ होती है, तो यह स्थान श्रद्धालुओं से खचाखच भर जाता है।

कमेटी के नए आदेश के अनुसार, जगमोहन में ऊपर बायीं और दायीं ओर की सीढ़ियां या रेलिंग वह स्थान थे, जहां भक्त दर्शन की जल्दी में या अधिक स्पष्ट रूप से देखने के लिए चढ़ जाते थे। कमेटी ने पाया कि भक्तों द्वारा रेलिंग पर लटक-लटक कर दर्शन करने से न केवल अव्यवस्था फैल रही थी, बल्कि भगदड़ या अप्रिय घटना (जैसे गिरना) का गंभीर खतरा भी बना हुआ था।

22 से लागू होगा यह महत्वपूर्ण बदलाव
कमेटी ने निर्देश दिया है कि 22 नवंबर से भगवान श्री बांके बिहारी जी के जगमोहन में ऊपर बायीं और दायीं ओर किसी भी दर्शनार्थी अर्थात महिला, पुरुष, बच्चे या बच्चियों का प्रवेश निषिद्ध (प्रतिबंधित) किया जाता है।

निर्देश उल्लंघन पर कमेटी सख्त
शुक्रवार को कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार और सदस्य मुकेश मिश्रा ने स्थल का निरीक्षण किया। कमेटी ने खेद व्यक्त किया कि पूर्व में स्पष्ट निर्देश देने के बावजूद गोस्वामी बंधुओं और उनके सहायकों द्वारा सकारात्मक सहयोग नहीं किया गया और निर्देशों का लगातार उल्लंघन किया गया।

भीड़ और अप्रिय घटना का खतरा
कमेटी ने बताया कि दर्शनार्थी जगमोहन में लगी रेलिंग (कटहरा) पर चढ़कर, लटक-लटक कर दर्शन करने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल व्यवस्था खराब होती है, बल्कि भीड़ में अप्रिय घटना घटने की प्रबल संभावना भी बनी रहती है। इसके अलावा कमेटी के निर्देशों के बावजूद पुरुष दर्शन स्थल पर महिलाओं, बच्चों को प्रवेश कराना और जगमोहन के बगल के कमरे में देहरी पूजन जैसी प्रक्रियाओं को संपादित कराना जारी था, जिससे भीड़ प्रबंधन में भारी कठिनाई आ रही थी। कमेटी ने कार्यकारी प्रबंधक और मंदिर प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और जगमोहन से चंदन कोठरी में जाने वाले रास्ते/दरवाजे को तत्काल बंद करने का निर्देश दिए हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *