आइये मिनटों में घर पर बनाएं दादी-नानी के हाथों जैसी क्रिस्पी तिल मठरी, बचपन की याद दिलाएगी ये ट्रेडिशनल रेसिपी……..

देहरादून: तिल मठरी सिर्फ टेस्टी ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं। तो चलिए जानते हैं इस मठरी को बनाने की आसान रेसिपी।

सर्दियों के मौसम में जब स्नैक्स की बात होती है, तो सबसे पहले हमारे दिमाग में ट्रेडिशनल स्नैक्स का ही ख्याल आता है. ट्रेडिशनल स्नैक्स न सिर्फ खाने में टेस्टी होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इन्हीं स्नैक्स में से एक है तिल की क्रिस्पी मठरी। सर्दियों के दिनों में यह डिश खासतौर पर उत्तर भारत में बनाई जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नमकीन होने के साथ-साथ बेहद क्रिस्पी भी होती है. आप चाहें तो इसे शाम की चाय के साथ एन्जॉय कर सकते हैं या फिर सफर के दौरान हल्के-फुल्के स्नैक के रूप में भी इसका आनंद ले सकते हैं. तो चलिए जानते हैं क्रिस्पी और टेस्टी तिल मठरी बनाने की आसान रेसिपी।

तिल मठरी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
मैदा – 2 कप
सफेद तिल – आधा कप
अजवाइन – 1 छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
घी या तेल – 4 से 5 बड़े चम्मच मोयन के लिए
पानी – आटा गूंथने के लिए
तलने के लिए तेल
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तिल मठरी बनाने की आसान रेसिपी
तिल मठरी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा छान लें। इसके बाद इसमें सफेद तिल, अजवाइन और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें घी या तेल डालें और उंगलियों से मैदा और घी को रगड़ते हुए मिलाएं. इस बात का ख्याल रखें कि मोयन ठीक से मिलना चाहिए, तभी मठरी क्रिस्पी बनती है।
इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। इस बात का ख्याल रखें कि आटा ज्यादा सॉफ्ट न रह जाए। आटा तैयार होने के बाद उसे ढककर 15 से 20 मिनट के लिए सेट होने दें।

इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें और फिर हर लोई को हल्का सा बेलकर मोटी मठरी का आकार दें। आप अगर चाहें तो कांटे की मदद से मठरी पर हल्के-हल्के छेद कर सकते हैं, इससे मठरी तलते समय फूलती नहीं है।

इसके बाद एक कढ़ाही में तेल डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। इस बात का ख्याल रखें कि तेल ज्यादा तेज नहीं होना चाहिए। इसके बाद तैयार मठरियों को धीरे-धीरे तेल में डालें और धीमी आंच पर गोल्डन और क्रिस्पी होने तक तलें। इसे बीच-बीच में पलटते रहें ताकि मठरी समान रूप से सिक जाए।

जब मठरी अच्छे से गोल्डन हो जाएं, तो उन्हें निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें ताकि एक्स्ट्रा ऑइल निकल जाए।

तिल मठरी के ठंडी होने के बाद इसे निकालकर एक एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। सही तरीके से रखने पर ये 15 से 20 दिन तक खराब नहीं होती और आप जब चाहें इसे चाय के साथ एन्जॉय कर सकते हैं।

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