गेहूं के आटे और हरी मेथी से बनेगी कुरकुरी मठरी’ बिना मैदा डाले बनेगी स्वादिष्ट और हेल्दी, आइये जानते है रेसिपी……..

देहरादून: अक्सर चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन करता है, लेकिन सेहत की चिंता रोक देती है। वर्षा भावसार की मेथी मठरी की रेसिपी उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो स्वाद और हेल्थ दोनों चाहते हैं। गेहूं के आटे और ताजी हरी मेथी से बनी मठरी मैदे से बनी मठरी की तुलना में कहीं अधिक पौष्टिक है।

सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मेथी की खुशबू हर घर में महकती है। मेथी का उपयोग पराठों और सब्जियों में तो खूब होता है, लेकिन क्या आपने कभी इसकी परतदार मठरी चखी है। यूट्यूबर वर्षा भावसार ने पारंपरिक मठरी को एक नया मोड़ दिया है। उन्होंने मैदे की जगह गेहूं के आटे का उपयोग करके इसे गिल्ट-फ्री बनाया है।

इस रेसिपी की खासियत इसकी ‘साटा’ तकनीक है, जिससे मठरी में कई परतें बनती हैं और यह लंबे समय तक क्रिस्पी बनी रहती है। साथ ही, पिसी हुई चीनी और काली मिर्च का मिश्रण इसके स्वाद को बैलेंस और चटपटा बनाता है। अगर आप भी घर पर बाजार जैसी खस्ता मठरी बनाना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके बहुत काम आएगी।

मेथी की तैयारी और भुनाई
सबसे पहले 250 ग्राम ताजी मेथी लें। इसके डंठल हटाकर केवल पत्तियों को धो लें और बारीक काट लें। एक पैन में थोड़ा घी डालकर धीमी आंच पर मेथी को 3-4 मिनट तक भूनें। भूनने से मेथी का कड़वापन कम हो जाता है और उसका एक्स्ट्रा पानी सूख जाता है, जिससे मठरी लंबे समय तक खराब नहीं होती।

आटे और मसालों का मिश्रण
एक बड़े बाउल में डेढ़ कप गेहूं का आटा और आधा कप सूजी लें। सूजी मठरी को एक्स्ट्रा कुरकुरापन देती है। इसमें नमक, दरदरी काली मिर्च, अजवाइन, सफेद तिल और एक छोटा चम्मच पिसी चीनी डालें। चीनी यहां मिठास के लिए नहीं, बल्कि स्वाद को बैलेंस और मठरी के रंग को बेहतर बनाने के लिए है।

घी का मोयन और आटा गूंथना
मठरी को खस्ता बनाने के लिए इसमें दो बड़े चम्मच देसी घी का ‘मोयन’ डालें। घी को आटे में तब तक रगड़ें जब तक आटा मुट्ठी में बंधने न लगे। इसके बाद भुनी हुई मेथी, लाल मिर्च, हल्दी और हींग मिलाएं। अब बहुत कम पानी का उपयोग करते हुए एक सख्त आटा गूंथ लें और इसे 15 मिनट के लिए ढककर रख दें।

साटा’ तैयार करना और बेलना
मठरी में परतें लाने के लिए ‘साटा’ बनाना जरूरी है। एक छोटी कटोरी में घी और थोड़ा आटा या कॉर्न फ्लोर मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें। अब गूंथे हुए आटे की बड़ी लोई लें और उसकी एक मोटी रोटी बेल लें। इस पर साटा की एक पतली परत लगाएं और ऊपर से थोड़ा सूखा आटा छिड़कें।

फोल्डिंग और लेयरिंग तकनीक
रोटी को दोनों तरफ से आधा फोल्ड करें, फिर से साटा लगाएं और सूखा आटा छिड़कें। अब इसे ऊपर-नीचे से भी फोल्ड करके एक चौकोर आकार दें। इसे दोबारा बेलें और फिर से वही फोल्डिंग प्रक्रिया दोहराएं। इस तकनीक से मठरी के अंदर अनगिनत परतें बन जाती हैं।​

कटिंग और फ्राई करने का तरीका
अंत में आटे को थोड़ा लंबा बेलें और चाकू से आधा-आधा इंच की पट्टियां काट लें। कढ़ाही में तेल गरम करें, लेकिन ध्यान रहे कि मठरी हमेशा धीमी आंच पर तली जाए। धीमी आंच पर तलने से परतें अंदर तक खुलती हैं और मठरी एकदम क्रिस्पी बनती है। सुनहरा होने पर इन्हें निकाल लें।

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